साल 2015 में दिल्ली की विशेष अदालत ने किया बरी
2013 आईपीएल के स्पॉट फिक्सिंग में आरोपी श्रीसंत ,अजीत चंदीला और अकिंत चव्हाण को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था ये तीनो खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्स टीम से खेलते थे। बाद में बीसीसीआई ने इन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था, इन आरोपों के खिलाफ श्रीसंत ने बहुत लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और 2015 में दिल्ली की विशेष अदालत ने उन्हें सभी आरोपो से बरी कर दिया।
आजीवन बैन हुआ खत्म
कोई पुख्ता सबूत न मिलने के कारण साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने इन पर लगे आजीवन बैन को खत्म कर दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके अपराध को बरकरार रखा लेकिन बीसीसीआई को इनकी सजा कम करने को कहा गया, और बाद में बोर्ड ने इनकी सजा को 7 साल तक कर दिया जो सितंबर 2020 में खत्म होगी।
खेल सकते है केरल की रणजी टीम में
कोरोना के कारण फिलहाल कोई भी मैच सम्भव नही दिख रहे है लेकिन अगर मैच होते है तो श्रीसंत केरल की रणजी टीम से खेलते हुए नजर आएंगे हालांकि KCA ने साफ कहा कि ये उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। कोच्चि में श्रीसंत ने कहा है, "मुझे मौका देने के लिए मैं वास्तव में केसीए का ऋणी हूं। मैं अपनी फिटनेस के साथ खेल में तूफानी वापसी करूंगा। सभी विवादों पर लगाम लगाने का समय आ गया है।" हाल ही में केरल क्रिकेट संघ ने पूर्व तेज गेंदबाज टीनू योहानन को टीम का कोच नियुक्त किया था। केसीए के सचिव श्रीतिथ नायर ने कहा कि उनकी वापसी राज्य टीम के लिए एक संपत्ति होगी।



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